जानिये आज की young generation के लिए स्टार्टअप सही है या नौकरी ? , Jaaniye aaj ki young generation ke liye startup sahi hai ke naukri ?
जानिये आज की young generation के लिए स्टार्टअप सही है या नौकरी ? , Jaaniye aaj ki young generation ke liye startup sahi hai ke naukri ?

जानिये आज की young generation के लिए स्टार्टअप सही है या नौकरी ? Jaaniye aaj ki young generation ke liye startup sahi hai ke naukri ?

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जानिये आज की young generation के लिए स्टार्टअप सही है या नौकरी ? Jaaniye aaj ki young generation ke liye startup sahi hai ke naukri ?

 

स्टार्टअप या नौकरी? ये प्रश्न हर गैजुएट कम्पलीट कर रहे स्टुडेंट (question in every graduate student mind) के मन में आता है। आना भी चाहिए क्योंकि आख़िर सही करियर (good carrier) के बारे में सही समय पर सोचना ज़रूरी है। जब आप 4 से 5 बात सोचते हैं तो इसी निष्कर्ष (result) पर पहुँचाते हैं कि अपना बिजनेस डालने की बजाय अच्छी नौकरी करना फ़ायदेमंद (good job is better than own business) है। लेकिन कुछ फ़ैक्टर्स (some factors) ऐसे भी हैं जो आपको अपने निर्णय पर दुबारा सोचने के लिए मजबूर करते हैं, ताकि आप एक सही रास्ता चुन सकें। अधिकांश समय कॉर्पोरेट जॉब्स आपको सुरक्षित (corporate jobs are safe) और स्थाई करियर का विकल्प देती है, लेकिन बड़े पैमाने पर देखा जाए तो स्टार्टअप से जुड़ना सुरक्षा (connecting with startup gives good return) और स्थायित्व से कहीं अधिक लाभ दे सकता है। जहाँ तक सुरक्षा और स्थायित्व की बात है तो वह सिर्फ़ कठिन परिश्रम (hard work) और भाग्य (luck) से मिलता है।

स्टार्टअप या नौकरी के बीच चयन | स्टार्टअप या नौकरी | Choose what you want startup or job

हम इस लेख (blog post) में कोशिश कर रहे हैं कि आपको स्टार्टअप या नौकरी के बीच सही चयन करने में मदद (helps you) कर सकें –

  1. अवसर – Chance

जब एक स्टार्टअप की बात करें तो इसमें एक कॉर्पोरेट जॉब (corporate job) की तुलना में काम करने कहीं अधिक अवसर (more chances) होते हैं। स्टार्टअप कम्पनी के लिए काम करने पर आपके हाथ में ज़्यादा अवसर होते हैं। जैसा कि हम जानते हैं स्टार्टअप में कम लोग काम करते हैं तो हर को काम करने के समान अवसर मिल जाते हैं। अवसर आपको सफलता की ओर तेज़ी से ले जाते हैं, इस बात से मतलब नहीं है कि आप सफल होते हैं या नहीं। आपकी सफलता से आपको प्रोत्साहन (motivation) मिलता है, वहीं असफलता को बेहतर काम करने की सीख दे जाती है। इसलिए स्टार्टअप या नौकरी के  बीच चयन में यह बहुत महत्त्व (very important) रखता है।

  1. उत्तरदायित्त्व – Responsibility

जब अवसर आपके दरवाज़े पर दस्तक देते हैं तो (when chances knock your door) आप अच्छा काम करने के लिर सचेत हो जाते हैं। और इसके विपरीत (opposite) जब आप किसी बड़ी कम्पनी में नौकरी करते हैं तो आपको अपने जैसे और बुद्धिमान सहयोगियों के साथ प्रतिस्पर्धा (compete with colleagues) करनी पड़ती है, जो कि एक मुश्किल काम है। स्वयं को साबित करने के लिए आपका उत्तरदायित्त्व बढ़ जाता है और आपको दोगुनी गति (work in double speed) से काम करना पड़ता है। जबकि किसी स्टार्टअप के लिए काम करते समय आपको सिर्फ़ अपने काम पर ध्यान देना पड़ता है, वहाँ किसी प्रकार की आंतरिक राजनीति (internal politics) की सम्भावना कम रहती है। उत्तरदायित्त्व आपको मुश्किल परिस्थितियों (difficult situations) का सामना करना आसान कर देता है। इसलिए उत्तरदायित्त्वों के बोझ तले काम करना आपके के लिए अच्छा (good to work in tough situation) माना जाता है।

  1. बदलाव का कारण – Reason of change

हर काम की एक प्रतिक्रिया होती है, यह बात आपके काम पर भी लागू होती है। आपका काम आपकी कम्पनी को प्रभावित (effect your company) करता है। हो सकता है कि अच्छे परिणाम सामने आयें या नहीं भी। आपकी कम्पनी आपकी हर एचीवमेंट (achievement) के साथ कुछ न कुछ हासिल करती है। किसी कम्पनी के सफलता के पीछे आपका हाथ हो, इससे बड़ा एचीवमेंट क्या होगा? थोड़ा विपरीत, लेकिन जब आप कोई ग़लती करते हैं तो आपकी कम्पनी को भी उसका नुक़सान (loss of your mistake) उठाना पड़ता है। इस वजह से आपको और भी अधिक सावधानी और सतर्कता से काम करना पड़ता है।

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  1. जॉब का स्तर – Job Level

स्टार्टअप या नौकरी के बीच चयन करते समय जॉब का स्तर भी देखा जाता है। करियर के शुरुआती दौर (starting days of your carrier) में किसी बड़े कॉर्पोरेट के साथ काम करने पर आप एक बड़े स्तर पर काम करने का अवसर पाते हैं। कम्पनी के छोटी हो या फिर बड़ी, किसी स्टार्टअप के साथ काम करने पर आप अंतर को स्पष्ट (easily understand the difference) समझ सकते हैं। कॉर्पोरेट जॉब करते समय आप बड़े स्तर पर काम करते है, आपको किसी एक्सपर्ट के गाइडेंस (work under guidance of expert) में काम करना होता है, जो कि आगे भविष्य में आपके के लिए फ़ायदेमंद (good for your future carrier) होता है। जबकि किसी स्टार्टअप के साथ काम करने पर आपको हर चीज़ एकदम शुरु से स्वयं करनी होती है, वहाँ आप अपने अनुभव के आधार पर काम करते हैं, किसी प्रकार का कोई गाइडेंस नहीं होता है। स्वयं सीखकर स्वयं अनुभव लेना अच्छा माना जाता है, मगर किसी एक्सपर्ट का गाइडेंस मिल जाए तो आख़िए इसमें बुराई क्या है? गाइडेंस मिलने के बाद किसी ग़लती और उससे मिलने वाली असफलता की सम्भावना ख़त्म (possibility of mistakes reduce) हो जाती है।

  1. क्वालिटी और क्वांटिटी के बीच अंतर  – Difference between quality and quantity

क्वालिटी और क्वांटिटी के बीच का अंतर कॉर्पोरेट जॉब और स्टार्टअप जॉब के बीच स्पष्ट (easily see the difference between them) देखा जा सकता है। हम सभी जानते हैं कि क्यों कुछ लोग बड़े ब्रैंड में पैसा खर्च करना पसंद (love to spend money in big brands) करते हैं, जबकि उनके पास सस्ते विकल्प मौजूद होते हैं। ऐसा नहीं है कि कोई स्टार्टअप कम्पनी क्वालिटी सर्विस (quality service) नहीं दे सकती है, लेकिन बड़े कॉर्पोरेट अपने कस्टमर्स की पसंद को जानते हैं (big corporate knows what their customers like and want) और उन्हें उसी के हिसाब से क्वालिटी सर्विस देते हैं, इस मामले में वे स्टार्टअप कम्पनी से आगे होते हैं।

  1. नेतृत्व – Commanding

स्टार्टअप में काम करके आपको नेतृत्व यानि लीडरशिप के (getting chances of leadership) अवसर मिलते हैं। आप कम समय में टीम लीडर बन सकते हैं और अपने नीचे काम करने वालों को अपने हिसाब से गाइड (guide) कर सकते हैं। इस तरह आप अपने करियर के शुरुआती दौर में ही लीडरशिप क्वालिटी विकसित (develop) कर सकते हैं और अपने करियर को गति दे सकते हैं। इसके विपरीत, बड़े कॉर्पोरेट में काम करने पर टीम लीड (leading the team) करने का अवसर बहुत सालों बाद मिलता है, ज़रूरी नहीं कि यह अवसर आपको मिले ही। इसमें आपकी कोई ग़लती नहीं है, न ही आपका नॉलेज कम है, बल्कि बड़ी कम्पनियों में आप से पहले और ज़्यादा संख्या में अनुभवी एक्सपर्ट मौजूद होते हैं, जो जल्दी अपनी कमान नहीं छोड़ते। इसलिए स्टार्टअप या नौकरी के बीच चयन करते समय इस बारे में अधिक से अधिक सोचें (think before what you going to choose)।

  1. ज़मीन से आसमाँ तक – From Road to Top

किसी बिजनेस को अपने बलबूते पर खड़ा करने के अनुभव (experience) वही जानता है जिसने ऐसा किया हो। यह एक बहुत अधिक ख़ुशी देने वाला अनुभव होता है। क्योंकि किसी सपने (dream become true) को पूरा करने के लिए आप दिन रात मेहनत (work hard day and night) करते हैं। यह किसी प्रोजेक्ट पर काम करने, उसे क्लाइंट के सामने प्रेज़ेंट (presenting in front of client) करने और सफल होने से कहीं अधिक महत्व रखता है। आप एक कम्पनी को बड़ा करते हैं, एक कम्पनी को प्लान करते हैं और अपने ड्रीम को आगे ले जाते हैं।

ये कुछ अंतर है, जो स्टार्टअप और कॉर्पोरेट नौकरी के बीच होते हैं। आप इन्हें पढ़कर पूरी बुद्धिमत्ता से अपने विकल्प (choose your option wisely) का चयन कीजिए।

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